हमेशा मेरे साथ रहना शायद कुछ कर पाऊं
तेरे जाने के बाद कहीं मैं बिखर ना जाऊं
मेरी मंजिल का ठिकाना मैं खुद ढूंढ लूंगा
पास रहना मेरे ताकि तेरा ख्वाब भी सजा पाऊं
जब कोई नहीं होता अकेलापन महसूस करता हूं
तू मेरे साथ रहना ताकि इसे कम कर पाऊं
जिंदगी हर बार नया मोड़ ले लेती है
मुझे पकड़ के रखना कहीं मैं खो ना जाऊं
वो जो लोग कहतें हैं मेरे बारे में
कभी उन्हें हमारे बारे में कुछ बता पाऊं
आदत नहीं है मुझे यूँ बेवजह लड़ने की
जो लड़ते हैं कभी मैं भी उनसे लड़ पाऊं
वो जो मेरे हैं मुझसे दूर रहते हैं
कभी हंस के गले तुझे लगा पाऊं
आगे जो जिंदगी के पल बाकी हैं
उनमें मैं तुझे भी अपना बता पाऊं
-सतीश कुमार

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